ब्रिटिश शासन का भारत पर प्रभाव

ब्रिटिश शासन का भारत पर प्रभाव

  इंग्लैंड के आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में औपनिवेशिक काल विषय पर आयोजित एक परिचर्चा में दिया गया शशि थरूर का भाषण कुछ समय तक सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। अपने भाषण में थरूर ने ब्रिटिश सरकार से यह ज़ोरदार

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विश्व बैंक समूह

विश्व बैंक समूह (अंग्रेज़ी: World Bank Group – WBG) संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों को पुनर्निर्माण और विकास के कार्यों में आर्थिक सहायता देना है। विश्व बैंक समूह पांच अन्तरराष्ट्रीय संगठनोंं का एक ऐसा समूह है जो देशोंं को

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Maharaja Suraj Mal

Maharaja Suraj Mal

Maharaja Suraj Mal (13 February 1707 – 25 December 1763) (महाराजा सूरज मल, भरतपुर) was ruler of Bharatpur in Rajasthan in India. He has been described by a contemporary historian as “the Plato of Jats” and by a modern writer as the “Jat Ulysses”, because

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NATIONAL FLAG OF INDIA MEANING

NATIONAL FLAG OF INDIA MEANING

INDIAN FLAG The National Flag of India is a national symbol designed in horizontal rectangular shape. It is designed using three colours such as deep saffron (top most), white (middle) and India green (lower most). The middle white colour contains

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मुग़लकालीन स्थापत्य एवं वास्तुकला

मुग़लकालीन स्थापत्य एवं वास्तुकला

दिल्ली सल्तनत काल में प्रचलित वास्तुकला की ‘भारतीय इस्लामी शैली’ का विकास मुग़ल काल में हुआ। मुग़लकालीन वास्तुकला में फ़ारस, तुर्की, मध्य एशिया, गुजरात, बंगाल, जौनपुर आदि स्थानों की शैलियों का अनोखा मिश्रण हुआ था। पर्सी ब्राउन ने ‘मुग़ल काल’ को भारतीय वास्तुकला का ग्रीष्म काल माना है, जो

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5 Facts about Chhatrapati Shivaji Maharaj that every Indian should know

5 Facts about Chhatrapati Shivaji Maharaj that every Indian should know

The founder of the Maratha Kingdom, Shivaji was born to be a natural leader and fighter on 19th February, 1630. Chhatrapati Shivaji was one of the bravest, most progressive and sensible rulers of India. The founder of the Maratha Kingdom,

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Maharana Pratap : Valour and indomitable spirit personified

Maharana Pratap : Valour and indomitable spirit personified

ntroduction of Maharana Pratap Childhood of Maharana Pratap Maharana Pratap’s Coronation Unbreakable oath to free ‘Motherland’ by Maharana Pratap Battle of Haldiighat : Supreme fighter ‘Maharana Pratap’ Severe destiny of Maharana Pratap Devotion of Bhamashah towards Maharana Pratap Last Wish

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Korea Open Superseries: PV Sindhu passed stern test of stamina to exact ‘revenge’ against Nozomi Okuhara

Korea Open Superseries: PV Sindhu passed stern test of stamina to exact ‘revenge’ against Nozomi Okuhara

A tumultuous hour and 23 minutes after the start of the Korea Open Superseries women’s singles final that saw fortunes fluctuate wildly in both directions, a physically and mentally exhausted PV Sindhu swung her neck to the left and, with

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Sources of Mauryan history

Sources of Mauryan history

The period of the Mauryan Empire, scripts a whole new epoch in the history of India. A little is known about the age old history of the Mauryan Empire while a lot is still shrouded in mystery. The Sources for

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The Gauri Lankesh Whodunnit: The Story Behind the Story

The Gauri Lankesh Whodunnit: The Story Behind the Story

in the past ten days, the Special Investigation Team has tracked down many blank leads, many theories, spoken to (and taken statements from) over a hundred people, put their best minds from tech to forensics to ballistics into the job,

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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, अधिकतर कांग्रेस के नाम से प्रख्यात, भारत के दो प्रमुख राजनैतिक दलों में से एक हैं, जिन में अन्य भारतीय जनता पार्टी हैं। कांग्रेस की स्थापना ब्रिटिश राज में २८ दिसंबर १८८५ में हुई थी;[5] इसके संस्थापकों में ए ओ ह्यूम (थियिसोफिकल सोसाइटी के प्रमुख सदस्य), दादा भाई नौरोजी और दिनशा वाचा शामिल थे।[6] १९वी सदी

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वैदिक साहित्य

वैदिक साहित्य

वैदिक साहित्य वैदिक साहित्य भारतीय संस्कृति के प्राचीनतम स्वरूप पर प्रकाश डालने वाला तथा विश्व का प्राचीनतम् साहित्य है। वैदिक साहित्य को ‘श्रुति’ भी कहा जाता है, क्योंकि सृष्टिकर्ता ब्रह्माजी ने विराटपुरुष भगवान् की वेदध्वनि को सुनकर ही प्राप्त किया है। अन्य ऋषियों ने भी इस

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मगध साम्राज्य

मगध साम्राज्य

मगध साम्राज्य हर्यक वंश (544 ई.पू. से 412 ई.पू.) छठी सदी ई.पू. मेँ सोलह महाजनपद मेँ से एक मगध महाजनपद का उत्कर्ष एक साम्राज्य के रुप मेँ हुआ। इसे भारत का प्रथम साम्राज्य होने का गौरव प्राप्त है। हर्यक वंश

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हड़प्पा समाज और संस्कृति

हड़प्पा समाज और संस्कृति

हड़प्पा समाज और संस्कृति हडप्प्पा संस्कृति की व्यापकता एवं विकास को देखने से ऐसा लगता है कि यह सभ्यता किसी केन्द्रीय शक्ति से संचालित होती थी। वैसे यह प्रश्न अभी विवाद का विषय बना हुआ है, फिर भी चूंकि हडप्पावासी वाणिज्य की

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दिल्ली सल्तनत के अन्तर्गत लोदी वंश

दिल्ली सल्तनत के अन्तर्गत लोदी वंश

दिल्ली सल्तनत के अन्तर्गत लोदी वंश दिल्ली का प्रथम अफ़गान शासक परिवार लोदियों का था। वे एक अफ़गान कबीले के थे, जो सुलेमान पर्वत के पहाड़ी क्षेत्र में रहता था और अपने पड़ोसी सूर, नियाजी और नूहानी कबीलों की ही तरह गिल्ज़ाई कबीले

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गुप्त साम्राज्य : एक संशिप्त विवरण

गुप्त साम्राज्य : एक संशिप्त विवरण

गुप्त साम्राज्य : एक संशिप्त विवरण गुप्त राजवंश या गुप्त वंश प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंशों में से एक था। इसे भारत का एक स्वर्ण युग माना जाता है। मौर्य वंश के पतन के बाद दीर्घकाल तक भारत में राजनीतिक एकता स्थापित नहीं रही।

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दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत इल्बरी वंश का संशिप्त विवरण

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत इल्बरी वंश का संशिप्त विवरण

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत इल्बरी वंश का संशिप्त विवरण दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1206 ई. में की गई। इस्लाम की स्थापना के परिणामस्वरूप अरब और मध्य एशिया में हुए धार्मिक और राजनीतिक परिवर्तनों ने जिस प्रसारवादी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया, दिल्ली सल्तनत की स्थापना उसी का परिणाम

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संगम युग के प्रमुख राजवंशो का संशिप्त विवरण

संगम युग के प्रमुख राजवंशो का संशिप्त विवरण

संगम युग के प्रमुख राजवंशो का संशिप्त विवरण सुदूर दक्षिण भारत में कृष्णा एवं तुंगभद्रा नदियों के बीच के क्षेत्र को ‘तमिल प्रदेश‘ कहा जाता था। इस प्रदेश में अनेक छोटे-छोटे राज्यों का अस्तित्व था, जिनमें चेर, चोल और पांड्य प्रमुख थे। दक्षिण भारत के इस प्रदेश में तमिल कवियों द्वारा सभाओं तथा

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