भारत एवं उजबेकिस्तान द्वारा सुरक्षा सहयोग, आदान-प्रदान को बढ़ावा देने हेतु संयुक्त वक्तव्य जारी

DoThe Best
By DoThe Best July 8, 2015 11:04

भारत और उजबेकिस्तान ने 6 जुलाई 2015 को संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए सुरक्षा सहयोग और आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की.

यह संयुक्त वक्तव्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक उजबेकिस्तान यात्रा के दौरान 6 जुलाई 2015 को जारी किया गया. उन्होंने राष्ट्रपति इस्लाम करीमोव के निमंत्रण पर उज्बेकिस्तान का दौरा किया.

प्रधानमंत्री मोदी 6 जुलाई से 13 जुलाई तक मध्य एशिया के देशों कजाखस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के दौरे पर हैं. यात्रा के दौरान वे 9 जुलाई तथा 10 जुलाई 2015 को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और यूफा में होने वाले एससीओ सम्मेलन में भी भाग लेंगे.

संयुक्त वक्तव्य के प्रमुख बिंदु

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय विचार-विमर्श और राजनीतिक संवाद बनाए रखने के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर द्विपक्षीय संवाद बनाए रखने के लिए सहमति जताई.

दोनों पक्षों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की तथा उजबेकिस्तान-भारत संयुक्त कार्य समूह की रूपरेखा के तहत आतंकवाद से निपटने पर दोनों देशों द्वारा दी जा रही विशेष सेवाओं के बीच समन्वय बनाये रखने पर प्रतिबद्धता जाहिर की.

दोनों देशों ने रक्षा तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करने के लिए सहमति प्रकट की.

दोनों पक्ष उजबेकिस्तान और भारत में प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों, व्यापार मंच और अन्य संयुक्त व्यापार गतिविधियों में एक-दूसरे को भागीदारी की सुविधा दिए जाने तथा इसे विस्तार प्रदान करने पर भी सहमत हुए.

वे उजबेकिस्तान में भारतीय कंपनियों द्वारा निवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करने के लिए सहमत हुए जिसमें नवोई, अंग्रेन तथा जिज्ज़ाख में विशेष आर्थिक क्षेत्रों के फ्रेमवर्क निर्माण शामिल हैं.

दोनों पक्ष परिवहन एवं संचार क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग को विकसित करने के लिए सहमत हुए तथा दोनों पक्षों ने आपसी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भूमिगत मार्गों के विभिन्न विकल्पों का पता लगाने के लिए सहमति दर्ज की.

दोनों पक्षों ने उजबेकिस्तान तथा भारत में चिकित्सा संस्थानों को चिकित्सा परामर्श, अनुभव बांटने तथा टेलीकॉन्फ्रेंस के जरिये आपस में जोड़ने के लिए टेलीमेडिसिन लिंक स्थापित करने के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की.

दोनों देशों के बीच वर्ष 2015-2017 की अवधि के लिए सांस्कृतिक सहयोग की दिशा में एक नए कार्यक्रम पर समझौता किया गया था तथा इसमें दोनों पक्षों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान का विस्तार करने के लिए सहमति जताई थी.

दोनों पक्षों ने इस यात्रा के दौरान पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग पर द्विपक्षीय समझौते की रूपरेखा के तहत व्यावहारिक उपायों को लागू करने पर भी सहमति प्रकट की.

दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में व्यापक सुधारों के लिए समर्थन जाहिर किया तथा उजबेकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की.

दोनों देशों ने शंघाई सहयोग संगठन के ढांचे के तहत आपसी सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति जताई.

यात्रा के दौरान, मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति इस्लाम कारिमोव को 13वीं सदी के महान सूफी कवि अमीर खुसरो द्वारा रचित खमसा-ए- खुसरो की एक विशेष प्रति भेंट की. यह पुस्तक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमीर खुसरो का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था लेकिन उनके पिता उज्बेकिस्तान से आए थे. प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को भारत आने का निमंत्रण भी दिया.

DoThe Best
By DoThe Best July 8, 2015 11:04
Write a comment

No Comments

No Comments Yet!

Let me tell You a sad story ! There are no comments yet, but You can be first one to comment this article.

Write a comment
View comments

Write a comment

Your e-mail address will not be published.
Required fields are marked*

four × 3 =