पल्लव वंश

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By DoThe Best September 29, 2015 12:50

पल्लव सातवाहनों के सामंत थे| इस वंश का प्रथम महत्वपूर्ण शासक शिव स्कन्द्वर्मन था| हाँलाकि इस वंश की उपस्थिति 5वीं व 6 शताब्दी में थी किंतु इनकी प्रसिद्धि छठी शताब्दी के अंत में हुई|

सिंह विष्णु (575 से 600 ईसवी): चोलो को पराजित किया तथा पड़ोसी राज्य सीलोन पर भी अपनी सत्ता स्थापित की| इसके बाद इसका पुत्र महेन्द्रवार्मन प्रथम सत्तारूढ़ हुआ|

महेन्द्रवर्मन प्रथम जब शासक बना उसी समय पल्लव, चोल व वातापी चालुक्यो के बीच त्रिकोणीय युद्ध प्रारंभ हुआ| चालुक्य शासक पुलकेशीन 2तीय ने महेन्द्रवार्मन को पुल्लुलालूर के युद्ध में पराजित कर उसकी राजधानी काँची पर अधिकार कर लिया|

नरसिंहवर्मन प्रथम: यह महेन्द्रवार्मन प्रथम के बाद शासक बना| इसने युद्ध में पुलकेशीन द्वितीय को पराजित कर उसकी हत्या की| इसके अतिरिक्त इसने चोल, चेर व पंड्या को भी पराजित किया|

यह एक बहुत बड़ा निर्मांकर्ता भी था, जिसके काल में महामल्लपुरम का निर्माण हुआ| इसके काल में ही ह्वेन-तसांग भारत आया तथा इसके राज्य का भ्रमण किया|

नरसिंहवर्मन प्रथम के बाद नरसिंहवर्मन द्वितीय शासक बना तथा इसके बाद सत्ता परमेश्वरवार्मन को प्राप्त हुई| आठवीं शताब्दी में नन्दिवर्मन चालुक्य शासक विक्रमादित्य द्वितीय द्वारा पराजित हुआ तथा नौवीं शताब्दी आते आते पल्लव शक्ति समाप्त हो गयी|

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