रुपे कार्ड (RuPay Card)

DoThe Best
By DoThe Best May 16, 2015 10:58

रुपे कार्ड (RuPay Card)

रुपे कार्ड (RuPay Card), राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा विकसित स्वदेशी भुगतान प्रणाली पर आधारित एटीएम कार्ड है। इसका नाम दो शब्दों ‘ रुपया ‘ और पेमेंट से मिलकर रखा गया है। इसे बहुराष्ट्रीय वीजा, अमेरिकन एक्सप्रेस एवं  मास्टर कार्ड की तरह प्रयोग किया जाता है। रुपे कार्ड को अप्रैल 2011 में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने विकसित किया है। रुपे कार्ड को 8 मई 2014 को भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने भारत का अपना भुगतान कार्ड ‘रुपे’ राष्ट्र को समर्पित किया। भारतीय रिजर्व बैंक ने 2005 में ऐसी स्वदेशी सेवा की आवश्यकता की परिकल्पना की थी ।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त 2014 को जन धन योजना योजना के अंतर्गत खाता खुलवाने के साथ ही ग्राहक को “रूपे” डेबिट कार्ड की भी सुविधा दी जाएगी रिजर्व बैंक ने वर्ष 2009 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन से गैर-लाभकारी कंपनी शुरू करने और वीजा तथा मास्टर कार्ड की तरह घरेलू स्तर पर एक कार्ड डिजाइन करने को कहा था। एनपीसीआई ने 14 मई 2011 को महाराष्ट्र में शहरी सहकारी क्षेत्र के गोपीनाथ पाटिल पर्तिक जनता सहकारी बैंक के साथ पहला रुपे कार्ड लाँच किया था। इसके बाद काशी-गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक (केजीएसजी) ने 24 मई 2011 में इस कार्ड को जारी किया था।  आने वाले समय में यह कार्ड वीजा और मास्टर कार्ड जैसी वैश्विक भुगतान प्रणाली की जगह ले लेगा। चीन भी इसी तरह का कार्ड `यूनियन पे ऑफ चाइना‘ के नाम से पहले ही विकसित कर चुका है। रु पे कार्ड देश के सभी ATM एवं अधिकतर ई-कॉमर्स टर्मिनलों में स्‍वीकार किए जाते हैं। इस कार्ड का एक स्‍वरूप ‘किसान कार्ड’ इस समय सभी सरकारी बैंकों द्वारा जारी किया जा रहा है।   सक्रिय रुपे कार्ड के धारक को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और स्थायी नि : शक्तता के मामले में एक लाख रुपये तक का बीमा संरक्षण भी मिलेगा। ऐसी सुविधाएं किसी भी इंटरनैशनल कार्ड योजना के पास नही है । यह कार्ड बैंकिंग क्षेत्र में भारत की क्षमता भी दर्शाता है। इससे अंतर्राष्‍ट्रीय कार्डो पर निर्भरता भी कम होगी।
आशा है आने वाले समय में रुपे कार्ड (RuPay) का निर्माण सार्थक होगा एवं देशवासी इस स्वदेशी कार्ड को गर्व से प्रयोग करेंगे ।

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By DoThe Best May 16, 2015 10:58
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