देसाई-लियाकत प्रस्ताव (AD 1945)

DoThe Best
By DoThe Best January 20, 2016 14:03

देसाई-लियाकत प्रस्ताव (AD 1945)

महात्मा गाँधी ये मान चुके थे कि जब तक कांग्रेस और मुस्लिम लीग देश के भविष्य या अंतरिम सरकार के गठन को लेकर किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुँच जाती तब तक ब्रिटिश शासक देश को स्वतंत्रता प्रदान नहीं करेंगे। इसीलिए महात्मा गांधी ने भूलाभाई जीवनजी देसाई को मुस्लिम लीग के नेताओं को संतुष्ट करने और 1942-1945 के राजनीतिक गतिरोध को दूर करने का एक और प्रयास करने का निर्देश किया|

देसाई, केंद्रीय सभा में कांग्रेस के नेता और  लियाकत अली (मुस्लिम लीग के नेता) के मित्र होने के नाते,ने लियाकत अली से मुलाकात कर जनवरी 1945 में केंद्र में अंतरिम सरकार के गठन से सम्बंधित एक प्रस्ताव सौंपा| देसाई की घोषणा के बाद, लियाकत अली ने समझौते को प्रकाशित किया,जिसके प्रमुख बिंदु निम्न थे-

• दोनों द्वारा केन्द्रीय कार्यपालिका में समान संख्या में लोगों को नामित करना

• अल्पसंख्यकों, विशेषकर अनुसूचित जाति और सिखों, का प्रतिनिधितित्व

• सरकार का गठन करना जोकि उस समय प्रचलित भारत शासन अधिनियम, 1935 के ढ़ांचे के अनुसार कार्य करती

निष्कर्ष

महात्मा गांधी ने भूलाभाई जीवनजी देसाई को मुस्लिम लीग के नेताओं को संतुष्ट करने और राजनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया लेकिन इस प्रस्ताव को न तो कांग्रेस ने और न ही लीग ने औपचारिक रूप से अनुमोदित किया|

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