गणतंत्र दिवस पर आईएस का खतरा, शामिल होंगे फ्रांस के राष्ट्रपति

DoThe Best
By DoThe Best January 19, 2016 12:26

गणतंत्र दिवस पर आईएस का खतरा, शामिल होंगे फ्रांस के राष्ट्रपति

गणतंत्र दिवस पर आईएस का खतरा, शामिल होंगे फ्रांस के राष्ट्रपति

26 जनवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूसरा गणतंत्र दिवस होगा और पहली बार राजपथ पर कोई विदेशी सैन्य टुकड़ी परेड करेगी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वां ओलांद मुख्य अतिथि हैं। फ्रांस के जवान परेड में हिस्सा लेंगे। उधर, खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस पर आईएस के खतरे का अंदेशा जताया है। बता दें कि फ्रांस आतंकी संगठन आईएस के निशाने पर है। नवंबर में हुए पेरिस हमले 130 लोग मारे गए थे। एक सीनियर अफसर ने बताया कि आईएस भारत से लोगों की भर्ती की कोशिश कर सकता है, हालांकि किसी घटना को लेकर भारत उसकी प्रॉयोरिटी में नहीं है।उधर फ्रांसीसी राष्ट्रपति की सुरक्षा में दिल्ली में 100 कंपनियों की तैनाती की गई है। इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा की सुरक्षा में 95 कंपनियां तैनात की गईं थीं। एक कंपनी में 100 जवान मौजूद रहते हैं। बता दें कि ओबामा अपने साथ 1600 जवान और 440 एजेंट लेकर आए थे। उस वक्त दिल्ली में एक हजार स्नाइपर्र्स� और 45 हजार जवानों की नियुक्ति की गई थी। वहीं शनिवार को आंतरिक सुरक्षा को लेकर गृहमंत्री ने बैठक भी की थी।

परेड में इस बार नहीं उतरेगा ऊंट दस्ता

वहीं गणतंत्र दिवस समारोह के इतिहास में पहली बार सीमा सुरक्षा बल का ऊंट दस्ता इस बार 26 जनवरी को राजपथ पर नहीं उतरेगा। करीब 26 साल बाद इस बार गणतंत्र दिवस परेड में सेना के डॉग स्कवॉयड को उतारा गया है। सोमवार को हुए परेड रिहर्सल के दौरान सेना के इन जांबाज कुत्तों को भी ताल से ताल मिलाते देखा गया। वहीं बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि आधिकारिक निर्देश के अभाव में ऊंटों पर सवार होने वाले 90 सदस्यीय बीएसएफ जवान और बैंड टुकड़ी इस बार कार्यक्रम के लिए ड्रेस रिहर्सल के दौरान अभ्यास नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि दस्ता पिछले कुछ महीनों से दिल्ली में है, लेकिन इसे रिहर्सल में शामिल नहीं किया गया हैए क्योंकि इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश नहीं जारी किया गया है।

रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंटों के बीएसएफ दस्ते को पहली बार 1976 के समारोहों में शामिल किया गया था। उसने थलसेना की ऐसी ही एक टुकड़ी का स्थान लिया था जो 1950 से ही पहले गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हो रही थी। ऊंट दस्ते से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बीएसएफ की ऊंट टुकड़ी हर साल 26 जनवरी को राजपथ पर परेड का वास्तविक हिस्सा रही हैं। इसमें दो टीमें होती हैं। पहली टीम में 54 सदस्य जवान होते हैं जबकि दूसरी 36 सदस्यीय बैंड टीम होती है। पहली टीम में बीएएसफ जवान हथियारों से लैस होकर ऊंट पर सवार रहते हैं।

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