भारत सरकार के भारी उद्योग विभाग और जर्मनी की फ्राउनहोफर के बीच समझौता

DoThe Best
By DoThe Best October 7, 2015 13:57

भारत सरकार के भारी उद्योग विभाग (डीएचआई) और जर्मनी की फ्राउनहोफर के बीच एक फ्रेमवर्क समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.

इसमें जर्मनी ‘प्रौद्योगिकी संसाधन सहयोगी’ होगा. नई दिल्ली में भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव डा. आर कटोच की मौजूदगी में इस एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. इस दौरान भारी उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे.

इस एमओयू का उद्देश्य भारतीय उद्योगों में नवाचार और तकनीकी कौशल को बढ़ाकर ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को समर्थन और बढ़ावा देना है.

इसकी मुख्य गतिविधियों में भारतीय उद्योग के तकनीकी विकास के लिए एक रोड-मैप तैयार करना, तकनीकी खामियों की पहचान और उन्हें दूर करना शामिल है. इसके साथ ही विर्निर्माण में निर्धारित परियोजनाओं का क्रियान्वयन, व्यावहारिक अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए सरकार, उद्योग एवं शोध क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के साथ काम करना शामिल है.

फ्राउनहोफर के बारे में

फ्राउनहोफर-गैसलसाफ्ट यूरोप में व्यावहारिक अनुसंधान करने वाला प्रमुख संगठन है. इसकी अनुसंधान गतिविधियां 66 संस्थानों में चलती हैं और जर्मनी में कई जगह इसकी इकाइयां हैं. फ्राउनहोफर-गैसलसाफ्ट के पास 24,000 कर्मचारी हैं, जो दो बिलियन यूरो से ज्यादा के कुल सालाना अनुसंधान बजट के साथ काम करते हैं. इसमें से 1.7 बिलियन यूरो अनुसंधान अनुबंध से आता है.

DoThe Best
By DoThe Best October 7, 2015 13:57
Write a comment

No Comments

No Comments Yet!

Let me tell You a sad story ! There are no comments yet, but You can be first one to comment this article.

Write a comment
View comments

Write a comment

Your e-mail address will not be published.
Required fields are marked*

four × 4 =