फिर आंदोलन पर उतरे गुर्जर, दिल्ली-मुंबई रेल यातायात ठप

DoThe Best
By DoThe Best May 22, 2015 10:50

फिर आंदोलन पर उतरे गुर्जर, दिल्ली-मुंबई रेल यातायात ठप

गुर्जर आरक्षण आंदोलन राजस्थान में एक बार फिर भड़क गया। सरकारी नौकरियों में पांच फीसद आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जरों ने गुरुवार को भरतपुर के पीलूकापुरा रेलवे लाइन पर महापड़ाव शुरू करते हुए घोषणा कर दी कि आरक्षण मिलने तक गुर्जर समुदाय रेल पटरी नहीं छोड़ेगा।

करीब दो हजार की संख्या में पहुंचे आंदोलनकारियों ने पटरी उखाड़ दी। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के मुखिया कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में लोगों ने ‘अबकी बार, आखिरी बार’ का नारा देते हुए राज्य सरकार से शीघ्र अपनी मांग पूरी करने का आग्रह किया। महापड़ाव के कारण दिल्ली-मंुबई रेलवे मार्ग ठप हो गया। कई ट्रेन रद कर दी गई जबकि नौ का मार्ग बदल दिया गया। रेलवे प्रशासन ने कुछ ट्रेनें मथुरा तो कुछ को कोटा से डायवर्ट कर दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस एवं अर्धसैनिक बल तैनात है।

एक घंटे का अल्टीमेटम

रेलवे पटरी पर कब्जा करने से पहले बैंसला ने समोधर गांव में महापंचायत को संबोधित करते हुए सरकार को एक घंटे का अल्टीमेटम दिया। लेकिन तय समय पूरा होने के पूर्व ही बैंसला की अगुवाई में गुर्जर पीलूकापुरा कूच कर गए। इससे पहले गुर्जर नेताओं ने इसी स्थान पर वर्ष 2008 में हुए आंदोलन के दौरान शहीद लोगों को श्रद्धांजलि दी।

बातचीत को तैयार सरकार

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुर्जरों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि मामला अभी कोर्ट में है, सरकार बातचीत को तैयार है। देर शाम वसुंधरा ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक लेकर आंदोलन समाप्त कराने के प्रयास शुरू कर दिए। मंत्रियों का एक दल आंदोलन कर रहे गुर्जरों से बातचीत के लिए पीलूकापुरा रवाना हो गया है।

गुर्जर नहीं करेंगे कोई बात

उधर, संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने कहा कि गुर्जर पांच फीसद आरक्षण लेकर ही रेल पटरी से उठेंगे। सरकार हमें आरक्षण देने में बहानेबाजी कर रही है और जाटों को एक दिन में आरक्षण दे दिया। हम इस संबंध में सरकार से कोई बात नहीं करेंगे। सरकार गुर्जरों को आरक्षण दे दे, हम पटरी से उठ जाएंगे।

इन ट्रेनों का मार्ग बदला

पश्चिम एक्सप्रेस (अमृतसर-बांद्रा), अवध एक्सप्रेस (बांद्रा-गोरखपुर), जनता एक्सप्रेस (फिरोजपुर-बांद्रा), अजीमाबाद एक्सप्रेस (पटना-अहमदाबाद), कोटा-पटना एक्सप्रेस, कालका-बांद्रा एक्सप्रेस, मथुरा-सवाईमाधोपुर पैसेंजर और बयाना-मथुरा पैसेंजर।

सड़क यातायात भी ठप

गुर्जर आंदोलन को देखते हुए राजस्थान रोडवेज निगम ने बयाना-हिण्डौन मार्ग पर निगम की बसों का आवागमन रोक दिया। जब निजी वाहन चालकों को रेलवे पटरी बंद करने का पता चला तो उन्होंने भी इस मार्ग पर अपनी सेवाएं बंद कर दीं। आंदोलनकारियों को आस-पास के क्षेत्रों से भोजन, चाय व नाश्ते की व्यवस्था की जा रही है।

कांग्रेस ने की अपील

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी गुर्जरों से अपील करते हुए कहा कि मांग रखने का हक सभी को है, लेकिन गुर्जर समाज को कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।

2008 से चल रहा आंदोलन

गुर्जर आंदोलन वर्ष 2008 से चल रहा है। आंदोलन के विभिन्न चरणों में 72 गुर्जरों की पुलिस फायरिंग में मौत हो चुकी है। पूर्व में वसुंधरा राजे और फिर अशोक गहलोत सरकार ने गुर्जरों को विशेष पिछड़ा वर्ग में पांच फीसद आरक्षण दिया था। लेकिन राजस्थान में 49 फीसद आरक्षण पहले से था। संवैधानिक सीमा 50 फीसद अधिकतम आरक्षण की है। ऐसे में गुर्जरों के आरक्षण को कोर्ट में चुनौती दी गई थी। आरक्षण का मसला अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। गुर्जरों का आरोप है कि सरकार ने आरक्षण दिलाने के लिए कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं की, केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल कोर्ट ही नहीं पहुंच रहे हैं।

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