आरोपों, दबाव के बावजूद इन कारणों से वसुंधरा बनी रह सकती हैं सीएम

DoThe Best
By DoThe Best June 26, 2015 10:29

आरोपों, दबाव के बावजूद इन कारणों से वसुंधरा बनी रह सकती हैं सीएम

भ्रष्टाचार के आरोपी पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी से रिश्ते रखने के आरोपों में घिरी राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे का मामला बीजेपी के लिए खासा सिरदर्द साबित हो रहा है। इस मामले में बीजेपी को अपनी रणनीति पर मशक्कत करनी होगी, क्योंकि पूर्व में भी राजे से निपटना पार्टी के लिए मुश्किल साबित हुआ है। जानकार मानते हैं कि राजे फिलहाल सेफ हैं। इसकी कई वजह है
>कांग्रेस द्वारा राजे को बर्खास्त करने की मांग के सामने बीजेपी झुकना नहीं चाहती। पार्टी को लगता है कि अगर ऐसा हुआ तो विपक्षी पार्टी इसके बाद विवादों में घिरीं अन्य केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और स्मृति ईरानी पर कार्रवाई का दबाव बनाएगी।
पार्टी और आरएसएस में राजे पर कार्रवाई को लेकर मतभेद होना। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के उलट आरएसएस इस मामले में राजे पर कार्रवाई चाहती है ताकि सरकार की छवि खराब न हो। वहीं, बीजेपी के नेता भी इस मामले में दो धड़ों में बंट गए हैं।
>राजे सिंधिया शाही परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनकी मां विजयाराजे सिंधिया ने शुरुआती दिनों में बीजेपी की खूब आर्थिक मदद की। ऐसे में केंद्रीय सत्ता और आरएसएस को कड़ा फैसला लेने में दिक्कत होगी।
>राजे का हमलावर रुख। राजनाथ सिंह के बीजेपी प्रमुख रहने के दौरान राजे ने राजस्थान असेंबली में नेता विपक्ष का पद छोड़ने से इनकार कर दिया था। केंद्रीय नेतृत्व ने पार्टी की राज्य ईकाई और आरएसएस से उनके मतभेद के चलते उन्हें हटाने की कोशिश की। इसके उलट, राजे ने राजनाथ के खिलाफ प्रदर्शन के लिए अपने वफादार विधायकों को दिल्ली भेज दिया। जब कोई चारा न बचा तो राजे ने अपना इस्तीफा पार्टी के सीनियर नेता आडवाणी को सौंप दिया और राजनाथ सिंह से मुलाकात तक नहीं की। राजे के इस अड़ियल रुख की वजह से बीजेपी को नुकसान होने का अंदेशा है।
>2008 में बीजेपी को राज्य विधानसभा में चुनाव में मिली हार के पीछे राजे और राज्य ईकाई के अध्यक्ष ओम माथुर के बीच झगड़ा भी अहम वजह थी। राजे टिकट बंटवारे पर पूरा कंट्रोल चाहती थीं। बाद में रिश्ते सामान्य हुए और 2013 में राजे के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा गया।
राजे को हटाने पर ये हो सकते हैं सीएम पद के दावेदार
अगर राजे को किसी कारणवश हटाना पड़ा तो सीएम पद के लिए इन नामों की चर्चा है।
>ओम माथुर
>हेल्थ मिनिस्टर राजेंद्र राठौड़
>गुलाब चंद कटारिया
>घनश्याम तिवारी
क्या है वसुंधरा राजे और ललित मोदी का मामला?
ललित मोदी के 2010 में ब्रिटेन जाने के बाद भारत सरकार ने उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया था। इसके बाद मोदी ने ब्रिटेन की निचली इमिग्रेशन अदालत में अपील की। वसुंधरा पर आरोप है कि वे ललित मोदी के लिए सीक्रेट विटनेस बनीं। उन्होंने अपने बयान में ललित को इमिग्रेशन दिए जाने का समर्थन किया। निचली कोर्ट ने इस आधार पर मोदी को ब्रिटेन में ही रहने की इजाजत दी थी कि भारत में उनकी जान को खतरा है। इमिग्रेशन के अपर ट्रिब्यूनल ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
क्या वसुंधरा के बयान से मोदी को मिली मदद?
न्यूज चैनल एनडीटीवी का दावा है कि ब्रिटेन के अपर ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में मोदी के पक्ष में दी गई गवाही को आधार बनाया। ट्रिब्यूनल ने कहा- ‘ललित मोदी की जान को खतरा है। राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण भारत सरकार ने उनकी सुरक्षा का स्तर घटा दिया है। यह बात विश्वसनीय गवाहों से साबित होती है।’ बताया जाता है कि वसुंधरा भी इन विश्वसनीय गवाहों में से एक थीं। चैनल के मुताबिक इन विश्वसनीय गवाहों के बयान के चलते ही अपर ट्रिब्यूनल ने भी ललित मोदी को ब्रिटेन में रुकने की इजाजत दी।
यह भी दावा- कई वीआईपी गवाहों ने की थी ललित मोदी की मदद
न्यूज चैनल ने ब्रिटेन की इमिग्रेशन कोर्ट में चले ललित मोदी के केस से जुड़े वकीलों के हवाले से एक और दावा किया है। वकीलों का कहना है कि इस केस में मोदी की मदद के लिए वसुंधरा की तरह कई वीआईपी लोगों ने गवाही दी थी। इनमें बड़े उद्योगपति और नेता शामिल थे जिन्होंने मोदी की इमिग्रेशन अर्जी का समर्थन किया था।
वसुंधरा ने ललित मोदी के पक्ष में दिए बयान में आखिर क्या कहा था?
वसुंधरा का जो बयान लीक हुआ है, वह उन्होंने अगस्त 2011 में दिया था। वे तब राजस्थान में विपक्ष की नेता थीं।
1. मेरा सहयोग गोपनीय रहे
शुरुआत में वसुंधरा ने लिखा- ‘मैं यह बयान ललित मोदी की इमिग्रेशन एप्लीकेशन के समर्थन में दे रही हूं। लेकिन बयान इस कड़ी शर्त पर है कि मेरे इस सहयोग का पता भारतीय अधिकारियों को नहीं चलना चाहिए।’
2. ललित पर हमले राजनीति से प्रेरित
– बयान में वसुंधरा ने कहा- ‘भारतीय राजनीति में मेरे दखल और करीबी समझ के कारण मुझे इस बात में कोई शक नहीं है कि ललित जिस तरह के हमले का सामना कर रहे हैं, वह राजनीति से प्रेरित है। भारतीय राजनीति के अंदर मौजूद कुछ तत्व अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बदला लेकर अपना हित साधना चाहते हैं। देश में ललित के खिलाफ अभी जो कुछ चल रहा है, उसके पीछे यही मंशा है।’
3. मुझे भी बदनाम करने की कोशिश
– उन्होंने आगे लिखा- ‘कांग्रेस को उम्मीद है कि ललित मोदी को बर्बाद कर और बदनाम कर वह मेरे एक अहम समर्थक को रास्ते से हटा सकेगी। ऐसा करने की प्रक्रिया में उन्हें लगता है कि राजनीति में मेरी भी बदनामी होगी। ललित के साथ मेरी निकटता के कारण कांग्रेस उनके प्रति राजस्थान और राष्ट्रीय स्तर पर द्वेष रखती है। मुझे लगता है कि ललित के खिलाफ भारत में अभी जो भी राजनीतिक हमले हो रहे हैं, वे उनकी छवि धूमिल करने के लिए, उन्हें राजस्थान क्रिकेट और राजनीति से दूर रखने के लिए और मुझे बदनाम करने के लिए हो रहे हैं।’
4. कांग्रेस के लिए मैं ही टारगेट
– ‘मैं कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक टारगेट हूं क्योंकि इस देश में मेरे परिवार का लंबा राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन रहा है, मैं भाजपा की स्थापना के समय से इससे जुड़ी हूं और राजस्थान में पार्टी के अंदर मेरा एक स्थान है।’
5. ललित से पुराने कांग्रेसियों को जलन
– वसुंधरा ने लिखा- ‘2008 के चुनावी अभियान के दौरान ललित मेरे मुख्य समर्थकों में से एक रहे हैं। ललित की कामयाबी के कारण कांग्रेस के पुराने नेता और क्रिकेट में दखल रखने वाले पुराने लोगों को जलन हुई। अब तक वे ललित को भाजपा समर्थक और कांग्रेस विरोधी घोषित कर चुके हैं।’
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