शांति और स्थिरता के लिए भारत व श्रीलंका ने चार समझौतों पर विचार विमर्श किये

DoThe Best
By DoThe Best September 18, 2015 13:02

भारत और श्रीलंका ने 15 सितंबर 2015 को चिकित्सा सुविधाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में चार समझौतों पर विचार विमर्श किया. समझौतों का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है.

इन समझौतों पर श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की भारत यात्रा के दौरान 14 सितंबर से 16 सितंबर 2015 के बीच विचार विमर्श किया गया.

दोनों पक्षों के बीच इन चार मुद्दों पर समझौते किये गये
• सार्क क्षेत्र के लिए उपग्रह की कक्षा आवृत्ति समन्वय पर पत्रों का आदान-प्रदान
• जिला अस्पताल, वावुनिया में 200 बिस्तर के वार्ड को जटिल चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के संबंध में समझौता ज्ञापन
• श्रीलंका में आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की स्थापना पर पत्रों का आदान-प्रदान
• एसडीपी के कार्यान्वयन के लिए भारत की अनुदान सहायता के संबंध में नए सिरे से समझौता ज्ञापन

 
दोनों पक्षों ने चार समझौतों के अलावा अलग अलग मुद्दों पर बातचीत की जो निम्न हैं-

मछुआरों का मुद्दा – दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि दोनों पक्षों के मछुआरा संघ से सम्बंधित  मुद्दे का समाधान के लिए अपने प्रयासों को जारी रखेंगे. यह एक मानवीय मुद्दा है जो आजीविका को  प्रभावित करता है.
श्रीलंकाई तमिल समुदाय – यह भी चर्चा की गई कि श्रीलंका  वास्तविक समन्वय और विकास करे. ताकि श्रीलंकाई तमिल समुदाय अखंड श्रीलंका में समानता, न्याय, शांति और गरिमा का जीवन जी सकें.
भारत ने श्रीलंका का व्यापार, अर्थशास्त्र और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में सहयोग का आह्वान किया.
दोनों पक्षों ने आतंकवाद का मुकाबला करने और पड़ोस में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने के मामले पर चर्चा की.

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By DoThe Best September 18, 2015 13:02
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