इंडिया के लिए अनलकी, पर धोनी के लिए लकी है ये स्टेडियम

DoThe Best
By DoThe Best October 22, 2015 12:17

इंडिया के लिए अनलकी, पर धोनी के लिए लकी है ये स्टेडियम

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का चौथा मुकाबला आज यहां के चेपक स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही टीम इंडिया को यह मैच हर हाल में जीतना जरूरी है। अगर यह मैच भी हाथ से निकल गया तो साउथ अफ्रीका 3-1 से सीरीज में बढ़त बना लेगा।

चेपक में खेले गए रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो भारत के लिए यह अनलकी ही रहा है। इस मैदान पर टीम इंडिया ने 11 मैच खेले हैं और उसे सिर्फ 5 में ही जीत मिली है। लेकिन पॉजिटिव बात यह है कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए यह मैदान लकी रहा है। धोनी ने यहां दो सेन्चुरी लगाई हैं। दोनों बार वे नॉट आउट रहे। इस मैदान पर ऐसा करने वाले वे इकलौते इंटरनेशनल प्लेयर हैं। उन्होंने जून, 2007 में एशिया इलेवन की तरफ से खेलते हुए अफ्रीका इलेवन के खिलाफ नॉट आउट 139 रन बनाए, जबकि दिसंबर, 2012 में भारत की तरफ से खेलते हुए पाकिस्तान के खिलाफ नॉट आउट 113 रन बनाए।
घरेलू सीरीज में भी बैकफुट पर
घरेलू सीरीज में दमदार टीमों में से एक माने जाने वाली टीम इंडिया के खिलाड़ी इन दिनों अच्छा परफॉर्म नहीं कर पा रहे। बैटिंग हो या बॉलिंग, हर तरफ फ्लॉप साबित हुए हैं। विराट कोहली और एमएस धोनी समेत टीम के कई स्टार खिलाड़ियों ने जरूरी समय पर काफी निराश किया है। सिर्फ इंदौर में खेले गए दूसरे वनडे में ही कुछ अच्छे परफॉर्मेंस देखने को मिले थे। उसके अलावा हर मैच में, हर फील्ड में साउथ अफ्रीकी टीम, भारतीय टीम से काफी आगे दिखी।
धवन और रैना नहीं बना पा रहे रन
ओपनर शिखर धवन और ऑलराउंडर सुरेश रैना के बैट से रन नहीं निकल रहे। धवन ने अब तक सिर्फ 19.66 के एवरेज से पिछले तीन मैचों में 59 रन ही बनाए हैं। वहीं, धोनी के बेहद करीबी माने जाने वाले रैना ने पिछले तीन मैचों में सिर्फ तीन रन ही बनाए, जबकि एक विकेट तक नहीं निकाल सके हैं।
अटैकिंग मोड में नहीं दिख रहे कोहली
अटैकिंग बैट्समैन विराट कोहली भी रन नहीं बना पा रहे। राजकोट में हाफ सेन्चुरी जरूर लगाई थी, लेकिन काफी स्लो बैटिंग की, जो टीम की हार का एक बहुत बड़ा कारण रहा। धोनी (92*) ने इंदौर में तो जबरदस्त बैटिंग की थी, लेकिन राजकोट में उन्होंने किसी तरह 47 रन बनाए। जरूरत के समय पर बॉल उनके बैट पर ही नहीं आ रही थी।
टीम इंडिया की एक और बड़ी प्रॉब्लम
टीम इंडिया की एक और बड़ी प्रॉब्लम जो सामने आई है वह है टारगेट का पीछा करने में फेल होना है। भारत पहले कानुपर वनडे में दक्षिण अफ्रीका के 303 और राजकोट में 270 रन के टारगेट का पीछा करते हुए हारा, जबकि इंदौर में उसने अपने 247 रन के स्कोर का बचाव किया और जीत हासिल की। इसी बात से कप्तान धोनी भी काफी परेशान हैं।
रोहित शर्मा सबसे बड़ी मजबूती
ओपनर रोहित शर्मा टीम इंडिया की सबसे बड़ी मजबूती हैं। वनडे सीरीज के पिछले तीन मैचों में उन्होंने कुल 218 रन बनाए हैं और टॉप रन स्कोरर हैं। इसमें एक सेन्चुरी और एक हाफ सेन्चुरी भी शामिल है। मिडिल ऑर्डर में अजिंक्य रहाणे साउथ अफ्रीका के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं। तीसरे नंबर पर वे अच्छी बैटिंग कर रहे हैं, लेकिन राजकोट में धोनी ने एक्सपेरिमेंट के तौर पर उन्हें छठे नंबर पर भेजा था जो फेल हो गया। अभी इस तरह के एक्सपेरिमेंट ठीक नहीं।
भुवनेश्वर, हरभजन से बॉलिंग में उम्मीद
युवा फास्ट बॉलर भुवनेश्वर कुमार और अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह से काफी उम्मीदें हैं। भज्जी ने दो मैचों में तीन विकेट लिए हैं जबकि भुवनेश्वर ने 57.66 के एवरेज से तीन और अक्षर पटेल ने चार विकेट निकाले हैं। मिश्रा के नाम भी तीन विकेट हैं लेकिन उनके खेलने को लेकर सस्पेंश बना हुआ है।
भारत के लिए राहत की बात
भारत के लिए थोड़ी राहत की बात यह है कि साउथ अफ्रीका के स्टार ऑलराउंडर जे पी डुमिनी तीन सप्ताह के लिए टीम से बाहर हैं जबकि राजकोट में चार विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच रहे मोर्ने मोर्कल के पैर में सूजन है और उनके खेलने की स्थिति भी साफ नहीं है। डुमिनी की जगह डीन एल्गर अगले दो मैचों में खेलेंगे।
साउथ अफ्रीका की मजबूती
डुमिनी और मोर्कल भले ही चोटिल हैं, लेकिन साउथ अफ्रीका के पास कप्तान एबी डिविलियर्स, फाफ डू प्लेसिस और क्विंटन डी काक के रूप में जबरदस्त बैट्समैन हैं। कैसिगो रबाडा, डेल स्टेन, इमनरा ताहिर और फरहान बेहरदीन जैसे बेहतरीन बॉलर्स हैं। हाशिम अमला का फॉर्म मेहमान टीम के लिए चिंता की बात है, क्योंकि इन्होंने अबतक तीन मैचों में सिर्फ 59 रन ही बनाए हैं।
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