22 साल बाद लंका फतह, सीरीज से मिली हमें 6 चीजें

DoThe Best
By DoThe Best September 2, 2015 12:16

22 साल बाद लंका फतह, सीरीज से मिली हमें 6 चीजें

महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद बीसीसीआई के सामने सबसे बड़ा सवाल आया कि टीम का अगला कप्तान कौन होगा? उन्होंने विराट कोहली पर भरोसा जताया, लेकिन कई एक्सपर्ट्स ने उनके एटीट्यूड के कारण उन्हें इस लायक नहीं समझा। शुरुआती मैचों में भी टीम इंडिया के लिए वे कुछ खास नहीं कर सके। इसके बाद क्रिकेट फैन्स भी उनके विरोध में हो गए। श्रीलंका, जहां भारत ने 22 साल से टेस्ट सीरीज नहीं जीती थी, धोनी और गांगुली जैसे सफल कप्तान भी फेल हो चुके थे। ऐसे में फैन्स को कोहली पर ज्यादा भरोसा नहीं था, क्योंकि उनके साथ टीम भी बिल्कुल नई थी। आलोचना के बावजूद कोहली ने आत्मविश्वास बनाए रखा। आखिरकार टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज में 2-1 से शानदार जीत दर्ज की।

कोहली पर निगेटिव कमेंट्स का नहीं हुआ असर, सीरीज से मिला भरोसेमंद कप्‍तान
श्रीलंका में पहले टेस्ट में टीम इंडिया जिस तरह से जीता हुआ मैच हार गई, उसके बाद फैन्स ने पूरी उम्मीद ही खो दी। टीम इंडिया के साथ-साथ कोहली को भी कई निगेटिव कमेंट्स सुनने को मिले। टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री ने उनका साथ दिया और उसी एटीट्यूड के साथ खेलने को कहा, जो उन्होंने पहले टेस्ट में अपनाया था। इसका नतीजा भी सामने आ गया। भारत ने दूसरा टेस्ट 278 रन से और तीसरा टेस्ट 117 रन से जीता। कोहली ने वो कारनामा कर दिखाया, जो दिग्गज नहीं कर सके थे। ऐतिहासिक जीत के साथ ही इस सीरीज में भारत को विश्वास करने लायक टेस्ट कप्तान मिल गया।
इस सीरीज ने भारत को भरोसेमंद टेस्ट कप्तान तो दिया ही, साथ ही युवा टीम में कुछ और खासियतें भी मिलीं, जो टूर शुरू होने से पहले साफ नहीं थीं। इस सीरीज से टीम इंडिया को ये 6 चीजें मिलीं।
> भरोसेमंद कप्तान
> ओपनर
> विकेटकीपर
> नंबर 3 बैट्समैन
> स्पिनर्स की जोड़ी
> फास्टर्स की जोड़ी
> भरोसेमंद कप्तान : विराट कोहली
ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड की तरह श्रीलंका भी उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहां उसे हरा पाना बहुत मुश्किल काम है। विराट कोहली ने इस मुश्किल काम को कर दिखाया। भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की और 22 साल का सूखा खत्म किया। साथ ही 4 साल बाद विदेश में कोई टेस्ट सीरीज जीती। टीम इंडिया ने इस सीरीज से पहले आखिरी बार 2011 में वेस्ट इंडीज को 1-0 से हराया था। पहला टेस्ट हारने के बाद कोहली ने साफ कह दिया था कि कोई खेले या ना खेले, भारत को जीत दिलाने के लिए मुझे रन बनाने ही होंगे। वे सीरीज में टीम इंडिया की तरफ से हाइएस्ट रन गेटर रहे। कोहली ने 3 मैच की 6 इनिंग्स में 1 सेन्चुरी व 1 हाफ सेन्चुरी की बदौलत 233 रन बनाए।
दूसरे मैच में स्ट्रेटजी देखने लायक थी
विराट कोहली ने दूसरे मैच में जिस तरह से दूसरी इनिंग में समझदारी के साथ समय रहते इनिंग घोषित की थी, उससे साफ झलक रहा था कि वे किसी भी तरह मैच जीतना चाहते थे। आखिरी टेस्ट में भी जिस तरह से उन्होंने फास्ट-स्पिन बॉलिंग कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल किया, काबिलेतारीफ रहा। पहले मैच में तीसरे नंबर पर रोहित शर्मा फ्लॉप रहे तो अगले मैच में उनका डाउन बदल दिया। हरभजन सिंह को विकेट नहीं मिले तो उन्हें ढोने की वजह प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया।
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