इसरो ने संचार उपग्रह जीसैट-6 का ‘जीएसएलवी-डी6 यान से सफल प्रक्षेपण किया

DoThe Best
By DoThe Best September 1, 2015 11:32

‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ (ISRO) ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार, श्रीहरिकोटा से भारत के सबसे बड़े संचार उपग्रह जीसैट-6 (GSAT-6) का ‘जीएसएलवी-डी 6 (GSLV-D6) यान से 27 अगस्त 2015 को सफल प्रक्षेपण किया.

यह जीएसएलवी की 9वीं उड़ान थी. 18 अप्रैल, 2001 को पहली बार जीएलसएलवी-डी 1 ने उड़ान भरी थी. यह उड़ान विफल रही. यह जीएसलवी की 5वीं विकासात्मक उड़ान (Developmental Flight) थी. इसके अलावा यह तीसरा अवसर है जब इसरो द्वारा विकसित स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन संलग्न जीएसएलवी (GSLV) का सफल प्रयोग किया गया.

प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट पश्चात 416 टन वजनी तथा 49 मी. ऊंचा GSLV-D6 ने 2117 किग्रा. वजनी जीसैट-6 को निर्धारित ‘भू-तुल्यकालिक अंतरण कक्षा’ (GTO: Geosynchronous Transfer Orbit) में स्थापित कर दिया.

27 अगस्त, 2015 को जीसैट-6 (GSAT-6) के भू-स्थिर अंतरण कक्षा में स्थापित हो जाने के पश्चात इसरो की कर्नाटक के हासन स्थित ‘मुख्य नियंत्रण सुविधा’ (MCF: Master Control Facility) ने इसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया.

जीसैट-6 भारतीय संचार उपग्रहों में जीसैट ऋंखला का 12वां उपग्रह है. यह इसरो का 25वां संचार उपग्रह है. जीसैट-6 देश में वर्तमान दूरसंचार, टेलीविजन, वीसैट तथा सैटेलाइट फोन सेवाओं के विस्तार में एवं अन्य उपग्रह आधारित सेवाओं को सहयोग प्रदान करेगा.

गौरतलब है कि इससे पूर्व 5 जनवरी 2014 को स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन संलग्न जीएसएलवी-डी 5 यान से संचार उपग्रह ‘जीसैट-14’ का सफल प्रक्षेपण किया जा चुका है.

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By DoThe Best September 1, 2015 11:32
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