राष्ट्र विरोधियों का घर है JNU: RSS मुखपत्र पांचजन्य

DoThe Best
By DoThe Best November 3, 2015 12:06

राष्ट्र विरोधियों का घर है JNU: RSS मुखपत्र पांचजन्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र “पांचजन्य” ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को राष्ट्र विरोधियों का एक बड़ा गढ़ बताते हुए कहा है कि उनका�मकसद देश को विघटित करना है। इसमें दावा किया गया है कि जेएनयू के नक्सल समर्थकों ने 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 75 सीआरपीएफ जवानों की हत्या का खुलेआम जश्न मनाया था। यह सब जेएनयू प्रशासन की नाक के नीचे हुआ था। जेएनयू नियमित तौर पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का आयोजन करता है।

पत्रिका के एक अन्य आलेख के मुताबिक जेएनयू एक ऎसा संस्थान है, जहां राष्ट्रवाद को अपराध माना जाता है। वहां भारतीय संस्कृति को तोड़ मरोड़कर पेश करना आम बात है। जम्मू-कश्मीर से सेना वापसी का समर्थन किया जाता है। वे कई अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के पक्षधर हैं। आलेख के लेखक ने जेएनयू में पढ़ाई करने का दावा करते हुए लिखा है- “मैंने जेएनयू प्रोफेसरों को हमेशा ही राष्ट्र विरोधी संगठनों के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय एकता तथा संस्कृति की उपेक्षा के तौर-तरीकों पर बात क रते सुना है। तभी मैंने महसूस किया कि जेएनयू राष्ट्र विरोधी समूहों का गढ़ है, जिसका एकमात्र उद्देश्य देश को विघटित करना है।

इसमे कहा गया कि जब सोवियत संघ का विघटन हुआ तो जेएनयू जैसे संस्थानों में \’क्लास स्ट्रगल\’ जैसे राजनीतिक नारे को \’कास्ट स्ट्रगल\’ में बदल दिया गया।

DoThe Best
By DoThe Best November 3, 2015 12:06
Write a comment

No Comments

No Comments Yet!

Let me tell You a sad story ! There are no comments yet, but You can be first one to comment this article.

Write a comment
View comments

Write a comment

<

twelve + 16 =