जस्टिस ठाकुर ने ली सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ

DoThe Best
By DoThe Best December 3, 2015 13:00

जस्टिस ठाकुर ने ली सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ

जस्टिस ठाकुर ने ली सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ

उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर ने गुरुवार को देश के 43वें मुख्य न्यायाधीश का पदभार ग्रहण कर लिया। राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने न्यायमूर्ति ठाकुर को उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति ठाकुर ने न्यायमूर्ति एच एल दत्तू का स्थान लिया है, जो बुधवार को ही सेवानिवृत्त हुए है।

न्यायमूर्ति ठाकुर उच्चतम न्यायालय के 43वें मुख्य न्यायाधीश बने हैं। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, न्यायमूर्ति दत्तू, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, एम वेंकैया नायडू एवं रविशंकर प्रसाद, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, उच्चतम न्यायालय एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व एवं वर्तमान न्यायाधीश और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अलावा अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

जम्मू-कश्मीर में हुआ था जन्म

न्यायमूर्ति ठाकुर का जन्म चार जनवरी 1952 को जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में हुआ था। वह अक्टूबर 1972 में वकालत के पेशे में आए। जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय में उन्होंने दीवानी, आपराधिक, संवैधानिक, टैक्स एवं सेवा संबंधी मामलों की प्रैक्टिस की। उनके पिता स्वर्गीय डी.डी. ठाकुर भी अपने जमाने के नामी-गिरामी वकीलों में शुमार थे। न्यायमूर्ति ठाकुर 1986 में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए।

वह 1990 में वरिष्ठ अधिवक्ता बने। उन्हें 16 फरवरी 1994 को जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया। मार्च 1994 में उनका तबादला कर्नाटक उच्च न्यायालय किया गया, जहां उन्हें सितम्बर 1995 में स्थाई नियुक्ति प्रदान की गई। जुलाई 2004 में वह दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किये गए।

3 जनवरी 2017 तक रहेंगे पद पर

बाद में उन्हें नौ अप्रैल 2008 को दिल्ली उच्च न्यायालय का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उसी वर्ष 11 अगस्त को उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का प्रभार ग्रहण किया। उन्हें 17 नवम्बर 2009 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। अक्टूबर 2014 में उन्हें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ से 31 अक्टूबर 2015 को उन्हें कानून में डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि प्रदान की गई। उनका कार्यकाल तीन जनवरी 2017 को समाप्त होगा।

रिकॉर्ड में पूर्व चीफ जस्टिस दत्तू से है पीछे

बुधवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के पद से रिटायर हुए जस्टिस एच एल दत्तू ने सुप्रीम कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान करीब 30,000 केसों का निपटारा किया है जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। जस्टिस दत्तू ने 17 दिसंबर 2008 को सुप्रीम कोर्ट में बतौर जज अपना कार्यभार ग्रहण किया था और वह 28 सितंबर 2014 को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बने थे।

नए चीफ जस्टिस बने टी.एस. ठाकुर ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मेरे और किसी भी दूसरे जज के लिए बहुत मुश्किल होगा कि उनकी (एच एल दत्तू) परफॉर्मेंस को मैच कर सके या उन्हें पीछे छोड़ सके। जस्टिस दत्तू ने 21,000 केसों को एडमिशन स्टेज पर निपटा दिया जबकि बाकी 9,000 रेगुलर केस थे।

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