केरल पर्यटन की मुज़िरिस विरासत परियोजना ने पाटा पुरस्कार जीता

DoThe Best
By DoThe Best July 21, 2015 14:25

केरल पर्यटन विभाग की मुज़िरिस विरासत परियोजना (एमएचपी) को 18 जुलाई 2015 को विरासत और संस्कृति श्रेणी में पसिफ़िक एशिया ट्रेवल एसोसिएशन (पाटा) पुरस्कार देने की घोषणा की गयी.

यह पुरस्कार मुज़िरिस विरासत परियोजना को उसके संरक्षण, विशिष्ट तथा स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाले प्रभाव के कारण दिया गया.

इस परियोजना के तहत त्रिशूर स्थित पारावुर में एर्नाकुलम से लेकर कोदुन्गाल्लूर के बीच फैली ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की इमारतों का संरक्षण प्रदान करना शामिल है.

मुज़िरिस विरासत परियोजना आधुनिक भारत की सबसे विशाल परियोजनाओं में से एक है. यह पुरस्कार बेंगलुरु में 8 सितम्बर 2015 को पाटा ट्रैवल मार्ट दिया जायेगा.

मुज़िरिस विरासत परियोजना

मुज़िरिस विरासत परियोजना (एमएचएस) का उद्देश्य विभिन्न विकास कार्यों में स्थानीय लोगों को शामिल करना है. इस परियोजना का कार्यक्षेत्र उत्तरी पारावुर में एर्नाकुलम जिले से त्रिशूर जिले में कोदुन्गाल्लूर तक फैला हुआ है.

एर्नाकुलम जिले में चार पंचायतें हैं जिसमें चेन्नामंगलम, चित्तातुकारा, वादाकेक्कर एवं पल्लिपुरम शामिल हैं. इसी प्रकार त्रिशूर जिले में एरियाद, मथिलाकम एवं श्रीनारायणपुरम क्षेत्र शामिल हैं.

पाटा पुरस्कार

यह मकाऊ सरकार पर्यटन कार्यालय द्वारा प्रायोजित वार्षिक पुरस्कार है जिसे पैसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन द्वारा दिया जाता है. यह 25 विभिन्न संस्थाओं एवं व्यक्तियों की उपलब्धियों पर दिया जाने वाला पुरस्कार है.

पाटा इस एसोसिएशन के सदस्य के रूप में एशिया प्रशांत क्षेत्र में यात्रा और पर्यटन को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है.

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By DoThe Best July 21, 2015 14:25
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