FTII स्‍टूडेंट्स की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने पूछा सवाल, केजरीवाल ने दिया एक ऑफर

DoThe Best
By DoThe Best August 19, 2015 12:15

FTII स्‍टूडेंट्स की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने पूछा सवाल, केजरीवाल ने दिया एक ऑफर

मंगलवार देर रात फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे के कैंपस से 5 स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किए जाने के बाद राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसके लिए मोदी सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है और पूछा है कि क्‍या वे आतंकवादी या चोर-डकैत हैं? वहीं, दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने यहां इंस्‍टीट्यूट का टेंपरेरी कैंपस खोलने का ऑफर दे डाला है।
राजनीति तेज
इंस्‍टीट्यूट के स्‍टूडेंट्स कई दिनों से गजेंद्र चौहान को डायरेक्‍टर बनाए जाने के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं। बुधवार को सीएम केजरीवाल भी स्‍टूडेंट्स के समर्थन में आ गए। उन्‍होंने तीन ट्वीट्स करके एफटीआईआई में चल रहे हंगामे पर दुख जाहिर किया। उन्होंने हड़ताल कर रहे स्टूडेंट्स को क्लास चलाने के लिए दिल्ली में टेंपरेरी जगह देने की पेशकश की। यह भी कहा कि अगर सरकार स्टूडेंट्स की मांग पर राजी नहीं होती तो वह उस जगह को ही इंस्टिट्यूट में तब्दील करने को तैयार है।
आधी रात को क्‍यों हुई गिरफ्तारी
इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर प्रशांत पाथराबे ने 50 स्टूडेंट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। पाथराबे ने शिकायत में कहा था कि सोमवार रात उन्हें 6 घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया था। पाथराबे की शिकायत पर पुलिस ने सेक्शन 147 (दंगा) के अलावा कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। पुलिस कैंपस में रात करीब 1.15 बजे आई थी।
पुलिस ने कहा कि वह तो बस कहा हुआ मान रही है
एफआईआर में नामजद सारे स्टूडेंट्स उस वक्त कैंपस में मौजूद नहीं थे। जिन लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, उनमें से 3 लड़कियां हैं। लड़कियों को अरेस्ट नहीं किया गया है। गिरफ्तार स्टूडेंट्स को डेक्कन जिमखाना पुलिस स्टेशन तक एक पुलिस जीप से लाया गया। कुछ ही देर में वहां बड़ी तादाद में स्टूडेंट्स और कुछ फैकल्टी मेंबर्स भी पहुंच गए। जब आधी रात को कार्रवाई करने की वजह पूछी गई तो पुलिस ने कहा कि उन्होंने निर्देश का पालन किया है।
क्यों किया था डायरेक्टर का घेराव
स्टूडेंट्स ने पाथराबे का घेराव उनके एक फैसले के खिलाफ किया था। इंस्टिट्यूट की तरफ से 2008 बैच के अधूरे डिप्लोमा फिल्म प्रोजेक्ट्स की जांच के लिए कहा गया है। स्टूडेंट्स ने इस फैसले को गलत बताया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्टूडेंट्स ने इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर को तब आजाद किया, जब मंगलवार सुबह वह इस जांच को रोकने पर राजी हो गए। बता दें कि एफटीआईआई के 200 से ज्यादा स्टूडेंट्स दो महीने से ज्यादा वक्त से इंस्टिट्यूट के चेयरमैन पोस्ट पर गजेंद्र चौहान के अप्वाइंटमेंट के खिलाफ हड़ताल पर हैं।
DoThe Best
By DoThe Best August 19, 2015 12:15
Write a comment

No Comments

No Comments Yet!

Let me tell You a sad story ! There are no comments yet, but You can be first one to comment this article.

Write a comment
View comments

Write a comment

<

three × 5 =