राजस्थान: जलवायु, तापमान, वर्षा

DoThe Best
By DoThe Best June 23, 2015 10:25
तापक्रम, वर्षा व आर्द्रता के आधार पर राजस्थान को पांच मुख्य प्रदेशों में बांटा गया है –
1. शुष्क जलवायु प्रदेश
2. अर्द्धशुष्क जलवायु प्रदेश
3. उपआर्द्र जलवायु प्रदेश
4. आर्द्र जलवायु प्रदेश
5. अति आर्द्र जलवायु प्रदेश
➲ पूर्वी राजस्थान – अर्द्धशुष्क जलवायु
➲ दक्षिणि राजस्थान – आर्द्र जलवायु
➲ दक्षिण पूर्वी राजस्थान – उप आर्द्र जलवायु
➲ पश्चिमी राज – शुष्क जलवायु
➲ राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में गर्म व शुष्क हवाएं चलती है जिन्हे स्थानीय भाषा में लू कहते है।
➲ पश्चिम राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में निम्न वायुदाब के वायु भंवर (चक्रवात) आते है जिन्हे स्थानीय भाषा में ‘भभूल्या’ कहते है।
➲ राजस्थान की जलवायु शुष्क प्रकार की है।
➲ पश्चिमी राजस्थान में विद्यमान दो प्रमुख जलवायवीय दशाएं –
1. कम वर्षा और उसका अनिश्चित वितरण
2. उच्च दैनिक एवं वार्षिक तापमान
➲ पश्चिमी राजस्थान में तापमान की अतिश्यता का सबसे प्रमुख कारण है – धरातल का स्वभाव
➲ राजस्थान के दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भाग में तापमान अपेक्षाकृत कम रहने का प्रमुख कारण है – समुद्रतल से उचाई
➲ राजस्थान के किस भौगोलिक क्षेत्र में दैनिक तापांतर सबसे अधिक रहता है – पश्चिमी राजस्थान
➲ राजस्थान में सबसे गर्म महिना – जून
➲ राजस्थान में सबसे ठंडा महिना – जनवरी
➲ राजस्थान के किस भौगोलिक क्षेत्र में जनवरी माह में सबसे कम तापमान रहता है – उतरी क्षेत्र में
➲ ग्रीष्म ऋतु में राजस्थान के किस भौगोलिक क्षेत्र में कम वायुदाब का क्षेत्र बनता है – उतरी पश्चिमी क्षेत्र में
➲ ग्रीष्म ऋतु में राजस्थान के किस जिले में सर्वाधिक आंधिया चलती है – गंगानगर
➲ राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में उच्चतम तापमान रहता है – 44 डिग्री से 48 डिग्री सेल्सियस
➲ राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में उच्चतम तापमान वाले क्षेत्र – फलौदी, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर
➲ राजस्थान में हवाएं प्रायः दक्षिण पश्चिम व पश्चिम से उतर पूर्व एवं पूर्व की  ओर चलती है।
➲ राजस्थान में किस माह में हवाएं सबसे तेज/अधिक चलती है – जून
➲ राजस्थान में किस माह में हवाएं सबसे धीमी/कम चलती है – नवम्बर
➲ राजस्थान में हवाओं के चलने की अधिकतम गति 140 किमी/घंटा होती है।
➲ पूर्वी राजस्थान में शीत ऋतु कम ठंडी व ग्रीष्म ऋतु कम गर्म होती है तथा हवा में सदैव आद्रता की मात्रा बनी रहती है।
➲ राजस्थान में शीत ऋतु को दो भागों में विभक्त किया गया है –
1. मानसून प्रत्यावर्तन काल – अक्टूबर से मध्य नवंबर
2. शीत ऋतु  – मध्य नवंबर से फरवरी
➲ राजस्थान में शीत ऋतु में न्यूनतम तापमान वाले क्षेत्र (-2 से. तक) – गंगानगर, बीकानेर, चुरू, फलौदी, जैसलमेर, पिलानी व झुंझूनू
➲ राजस्थान के उतरी पश्चिमी मरूस्थलीय प्रदेश में गर्मियों में उच्चतम तापमान 48 डिग्री, सर्दियों में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री से भी नीचे तथा वार्षिक वर्षा का औसत 20 से 25 सेमी होता है।
➲ मध्यवर्ती अरावली पर्वतीय प्रदेश में जनवरी का तापमान 10 से 16 डिग्री सेल्सियस  के मध्य तथा मई जून में 28 से 34 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहता है।
➲ अक्षांशीय स्थिति के अनुसार राजस्थान के कौनसे दो जिले उष्ण कटिबंध क्षेत्रों में आते है – बांसवाड़ा, डूंगरपुर
➲ सर्वाधिक उष्ण कटिबंधिय जिला – बांसवाड़ा
➲ जलवायवीय दृष्टि (भौगोलिक) से राजस्थान किस कटिबंध में आता है – उपोष्ण
➲ गर्मियों में राजस्थान के उतर पश्चिम से दक्षिण पूर्व की ओर तथा उतर पूर्व से दक्षिण पश्चिम की ओर तापमान में कमी दृष्टिगोचर होती है जबकि सर्दियों में इसके ठीक विपरित होता है।
➲ राजस्थान के संपूर्व उतरी पश्चिमी क्षेत्र की जलवायु है – विषम जलवायु
➲ जलवायु की दृष्टि से राजस्थान का अधिकांश भाग शीतोष्ण (उपोष्ण) कटिबंध में स्थित है क्योंकि यह कर्क रेखा के उतर में स्थित है।
➲ 21 जून को कर्क रेखा पर प्रकाश की अवधि 13 घंटे 27 मिनट होगी तथा सूर्य की किरणों का कोण 90 डिग्री होता है। कर्क रेखा बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ नामक स्थान से होकर गुजरती है।
➲ राजस्थान के किस जिले में सबसे पहले सूर्योदय होता है – धौलपुर
➲ राजस्थान के किस जिले में सबसे बाद में सूर्योदय होता है – जैसलमेर
➲ राजस्थान अपनी अक्षांशीय स्थिति के अनुसार यद्यपि उष्ण कटिबंध के बाहर स्थित है परंतु इसकी जलवायु उष्ण या विषम है।
➲ राजस्थान के किस जिले में सूर्य की किरणों का सीधापन सर्वाधिक होता है – बांसवाड़ा
➲ राजस्थान के किस जिले में सूर्य की किरणों का तिरछापन सर्वाधिक होता है – गंगानगर
➲ बांसवाड़ा में दिन सर्वाधिक बड़ा होने व गंगानगर में दिन सर्वाधिक छोटा होने (बांसवाड़ा में रात सर्वाधिक छोटी होने व गंगानगर में रात सर्वाधिक बड़ी होने) की भौगोलिक घटना होती है। (नोट: यह कथन वर्ष के किसी भी समय शेष राजस्थान की अपेक्षा के संदर्भ में है।)
➲ जून माह में राजस्थान में अधिकतम तापमान 32 डिंग्री (दक्षिण राजस्थान) से 44 डिग्री (उतरी राजस्थान) के बीच रहता है।
➲ ग्रीष्म ऋतु में बीकानेर, बाड़मेर, फलौदी, चुरू, गंगानगर आदि में दिन का तापमान कई बार 49 डिग्री तक पहुंच जाता है। (इसका प्रमुख कारण बालू का स्वभाव, निम्न सापेक्षिक आर्द्रता, वनस्पति की कमी व समुद्रतट से दूरी है।)
➲ राजस्थान की दक्षिण-पश्चिमी सीमा कच्छ की खाडी (225 किमी) व अरब सागर (400 किमी) के निकटतम हैं इस कारण इस क्षेत्र के जिलों का अधिकतम तापमान राजस्थान के अधिकतम तापमान से 15-20 डिग्री कम रहता है।
➲ सिरोही के माउंट आबू मे जून माह में दिन का अधिकतम तापमान भी कई बार 32 डिग्री से कम रहता है। (इसका प्रमुख कारण मा. आबू का औसत समुद्र तल से अधिक उंचाई पर स्थित होना है।
➲ राजस्थान के किस क्षेत्र का (में) अधिकतम औसत तापमान कम रहता है – दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र (ग्रीष्म ऋतु में शेष राजस्थान की अपेक्षा)
➲ राजस्थान के किस क्षेत्र में अधिकतम औसत तापमान अधिक रहता है – उतरी क्षेत्र में (ग्रीष्म ऋतु में शेष राजस्थान की अपेक्षा)
➲ ग्रीष्म ऋतु में राजस्थान में तापमान उतर से दक्षिण-पश्चिम की ओर कम होता जाता है।
➲ जून माह में 42 डिग्री से अधिक औसत तापमान गंगानगर व हनुमानगढ जिलों में रहता है।
➲ तापमान बढने से वायुदाब कम होता है। इस कारण ग्रीष्म ऋतु में राजस्थान का पश्चिमी क्षेत्र कम वायुदाब का क्षेत्र बन जाता है। ग्रीष्म ऋतु के प्रांरभ में हवाएं पश्चिम से पूर्व की ओर चलती है, जिन्हे लू कहते है। जून के अंत तक हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिम से उतर-पूर्व हो जाती है।
➲ जून माह में राजस्थान के दक्षिण व दक्षिण-पश्चिमी जिलों में औसत तापमान 32 से 38 डिग्री के बीच रहता है।
➲ ग्रीष्म ऋतु में आंधियों की संख्या व समयावधि पश्चिम व उतर पश्चिम से पूर्व व दक्षिण-पूर्व की ओर कम होती जाती है। (27 दिन), बीकानेर (18दिन), जैसलमेर (16 दिन), बाड़मेर (13 दिन) में आती है।
➲ 21 मार्च – दिन रात बराबर
➲ 21 मार्च – 21 जून – दिन की अवधि लगातार बढती जाती है।
➲ 21 जून – दिन की सबसे लम्बी अवधि
➲ 21 जून – 22 सितम्बर – दिन बड़े होते है लेकिन दिन की अवधि क्रमश घटती है
➲ 23 सितम्बर – दिन-रात बराबर
➲ 24 सितम्बर – 22 दिसम्बर – दिन की अवधि लगातार घटती जाती है।
➲ 22 दिसम्बर – दिन की सबसे छोटी अवधि
➲ 23 दिसम्बर – 20 मार्च – दिन छोटे होते है लेकिन दिन की अवधि क्रमश बढती है।
➲ जनवरी माह में न्यूनतम औसत तापमान उतरी राजस्थान में 6 डिग्री तथा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान व पश्चिम राजस्थान के बाड़मेर जिले में न्यूनतम औसत तापमान 10 डिग्री से अधिक रहता है। इस प्रकार जनवरी में तापमान उतर से दक्षिण-पूर्व की ओर बढता है।
➲ शीत ऋतु में राजस्थान में हवाएं उतर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर चलती है अर्थात शीत ऋतु में राजस्थान में उतरी-पश्चिमी हवाएं  चलती है।
➲ स्टेपी घास राजस्थान के किस जलवायवीय प्रदेश में पाई जाती है – शुष्क जलवायु प्रदेश
➲ उपोष्ण सदाहरित वनस्पति – आर्द्र जलवायु प्रदेश में
➲ उपोष्ण कटिबंधिय पर्वतीय वन – उप आर्द्र जलवायु प्रदेश में
➲ राजस्थान में ग्रीष्म ऋतु में पश्चिम से पूर्व की ओर चलने वाली तेज गर्म हवाओं को कहते है – लू
➲ शीत ऋतु में राजस्थान में चलने वाली ठंडी हवाओं को स्थानीय भाषा में कहते हैं – डांफर
➲ दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में औसत तापमान 32 डिग्री से. व शीत ऋतु में 14 से 17 से. तक रहता है।
➲ राजस्थान का सबसे शुष्क स्थान – फलौदी
➲ माउंट आबू और झालावाड़ एक ही अक्षांश पर स्थित है, लेकिन जून माह में माउंट आबू पर औसत तापमान 32 डिग्री से. तथा झालावाड़ में औसत अधिकतम तापमान 40 डिग्री से. रहता है, इसका कारण दोनों स्थानों की समुद्र तल से उंचाई है। (मा. आबू समुद्र तल से औसत उंचाई 1700 मीटर है जबकि झालावाड़ 410 मीटर की उंचाई पर स्थित है।)
➲ राजस्थान में 50 सेमी मान वाली समवर्षा रेखा के पूर्व में अर्द्ध शुष्क, दक्षिण व दक्षिण-पूर्व में आर्द्र तथा उप आर्द्र और पश्चिम में शुष्क जलवायु पाई जाती है।
➲ 21 मार्च के बाद से ही सूर्य की किरणे पृथ्वी के उतरी गोलार्द्ध में सीधी पड़ना प्रारंभ हो जाती है। राजस्थान उतरी गोलार्द्ध में स्थित है। अतः राजस्थान में मार्च माह से ही तापमान का बढना प्रांरभ हो जाता है।
➲ राजस्थान के दक्षिण में बांसवाड़ा जिले से गुजरने वाली कर्क रेखा 21 मार्च को प्रकाश की अवधि 12 घंटे व सूर्य की किरणों का कोण मध्याह्न के समय 66’30’ रहता है। 21 जून को कर्क रेखा पर प्रकाश की अवधि 13 घंटे 27 मिनट तथा सूर्य की किरणों का कोण मध्याह्न के समय 90 डिग्री रहता है। इस प्रकार 21 जून को बांसवाड़ा में सर्य की किरणों का सीधापन सर्वाधिक होता है तथा शेष राजस्थान की अपेक्षा यहां दिन बड़ा व रात छोटी होती है।
➲ समुद्रतल से अधिक उंचाई पर कम तापमान व समुद्र तल से कम उंचाई पर अधिक तापमान रहता है।
➲ राजस्थान के अक्षांशीय विस्तार के कारण दक्षिण से उतर तक तापमान में लगभग 10 डिग्री से. का अंतर रहता है।
➲ अति आर्द्र जलवायु प्रदेश/क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दो जिले है – झालावाड़, बांसवाड़ा
➲ ट्रिवार्था के अनुसार राजस्थान का अधिकांश भाग Bsh जलवायु क्षेत्र में जबकि थार्नवेट के अनुसार DA’W’ जलवायु क्षेत्र में आता है।
➲ राजस्थान में लगभग सारी वर्षा गर्मियों में दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाओं से होती है। शीतकाल में बहुत कम वर्षा होती है, वह भी केवल उतरी – पश्चिमी राजस्थान में।
➲ राजस्थान में अरावली पर्वतमाला का विस्तार मानसूनी हवाओं के समानान्तर होने व उंचाई अधिक न होने के  कारण  यह श्रेणियां जल से भरी हवाओं को रोककर अधिक वर्षा कराने में सहायक नहीं हैं
➲ राजस्थान में वर्षा के औसत दिनों की संख्या है – 20 दिन
➲ राजस्थान के किस जिले में वर्षा के औसत दिनों की सख्या सर्वाधिक है – झालावाड़ (20 दिन)
➲ राजस्थान के किस स्थान में वर्षा के औसत दिनों की संख्या सर्वाधिक है/ वर्षा के औसत दिनों की सर्वाधिक संख्या वाला स्थान – मा. आबू (48 दिन)
➲ राजस्थान के किस जिले में वर्षा के औसत दिनों की संख्या सबसे कम है – जैसलमेर (5दिन)
➲ झालावाड़ में वर्षा के औसत दिनों की संख्या 40, बांसवाड़ा में 38, जैसलमेर में 5 व मा. आबू में 48 है।
➲ राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा जुलाई माह में होती है।
DoThe Best
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