कालेधन पर भारत की सख्ती से सहमे स्विस बैंक

DoThe Best
By DoThe Best August 31, 2015 12:24

कालेधन पर भारत की सख्ती से सहमे स्विस बैंक

कालाधन पर बरती जा रही भारत की सख्ती का असर दिखने लगा है। भारत के नए कानून से भयभीत कई स्विस एवं यूरोपीय बैंकों ने भारतीय ग्राहकों से यह कहना शुरू कर दिया है कि वे भारत में टैक्स अधिकारियों के सामने अपने खातों के बारे में खुलासा करें। इन बैंकों को कालाधन को बढ़ावा देने का आरोपी बनाए जाने का डर है।
इन बैंकों में स्विट्जरलैंड और लंदन मुख्यालय वाले बैंक शामिल हैं, जो अपने भारतीय ग्राहकों को विदेशों में जमा अघोषित संपत्तियों का खुलासा करने के लिए भारतीय टैक्स अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए “एक बार की अनुपालन खिड़की” का लाभ उठाने को कह रहे हैं। इनमें से कुछ बड़े वित्तीय संस्थानों के कार्यकारियों ने कहा कि ये बैंक अपने ग्राहकों से नया शपथ पत्र भरने को भी कह रहे हैं, जिसमें दिया गया है कि वे अपने देशों में सभी कानूनों का अनुपालन कर रहे हैं।

ऑटोमेटिक ट्रांजेक्शन

स्विट्जरलैंड अब भारत सहित विभिन्न देशों के साथ एक बहुपक्षीय समझौते के तहत कर सूचनाओं के ऑटोमेटिक ट्रांजेक्शन की व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। दोनों देशों में कालेधन मामले में सहयोग के लिए उच्चस्तरीय बातचीत भी चल रही है।एचएसबीसी को नोटिस

भारत सरकार की एचएसबीसी की जिनेवा शाखा में खाता रखने वाले अपने लोगों के मामले में पहले से ही कार्रवाई जारी है। उसे इनके बारे में सूचना फ्रांस सरकार से कुछ साल पहले मिली थी। भारतीय अधिकारियों ने एचएसबीसी को इस मामले में सहयोग न करने के आरोप में कार्रवाई के नोटिस भेजे हैं।

बैंकों का क्यों है इतना डर

  • नए कानून के तहत, विदेशों में अघोषित संपत्तियों का खुलासा करने के लिए तीन महीने की अनुपालन खिड़की उपलब्ध कराई गई है। यह अवधि अगले महीने समाप्त हो रही है। अगर इस दौरान भारतीय विदेशों में जमा अपनी अघोषित संपत्ति का खुलासा करते हैं, तो उन पर 30 प्रतिशत कर और 30 प्रतिशत जुर्माना लगा कर उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी और वे कानूनी कार्रवाई से बच जाएंगे।
  • इस अनुपालन खिड़की की अवधि खत्म होने के बाद अघोषित विदेशी संपत्ति रखने वालों को 30 प्रतिशत कर देना होगा और उस पर 90 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा और उसे 10 साल तक की जेल की सजा भी होगी। इस कानून में कर चोरी को उकसावा देने वालों पर दंड का प्रावधान भी है।
  • यह प्रावधान हर उस व्यक्ति या इकाई पर लागू होगा जो किसी भी तरह से दूसरे व्यक्ति को इस कानून के तहत देय कर से जुड़े ऎसे खाते या ब्योरे के बारे में गलत बयानी के लिए उकसाता है और वह यह जानता है कि वह ब्योरा या घोषणा झूठ है या वह यह नहीं मानता कि वह सच है।
  • टैक्स चोरी में अवप्रेरक की भूमिका निभाने वाले को छह माह से सात वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा मिल सकती है और उस पर जुर्माना भी हो सकता। भारत सरकार स्विट्जरलैंड और अन्य देशों में भारतीयों द्वारा जमा कालेधन को वापस लागने के लिए जोरदार कोशिश कर रही है। सूत्रों के अनुसार स्विट्जरलैंड के बैंक भारतीय ग्राहकों से इस आशय का नया हलफनामा मांग रहे है कि उन्होंने इस देश में अपने खातों के धन पर सभी कर अदा कर रखे हैं।
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By DoThe Best August 31, 2015 12:24
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