केंद्र सरकार और एनएससीएन आईएम के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर

DoThe Best
By DoThe Best August 4, 2015 12:59

केंद्र सरकार ने 3 अगस्त 2015 को नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन-आईएम) के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए.

नगा लोगों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ताओं के माध्यम से समय-समय पर इस मुद्दे के समाधान के लिए प्रयास किए गए थे. वर्ष 1997 में एनएससीएन के साथ एक व्यापक समाधान की दिशा में एक ताजा प्रयास किया गया था.

भारत सरकार और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन-आईएम) ने छ: दशकों से मौजूद नगाओं की राजनीतिक समस्याओं पर आधारित वार्ता का सफल समापन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में प्रधानमंत्री आवास 7 रेसकोर्स, नई दिल्ली में समझौते पर हस्ताक्षर किए.

भारत सरकार की ओर से नगा शांति वार्ता के लिए नियुक्त सरकार के मध्यस्थ आर एन रवि ने समझौते पर हस्तारक्षर किए. एनएससीएन की ओर से अध्यक्ष इसाक चीसी स्वू और महासचिव थिंगलेंग मुईवा ने हस्ताक्षर किए. इसके साथ ही पिछले 16 वर्षों में हुई करीब 80 दौर की बातचीत अंतिम स्तर पर पहुंच गई. गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह और कई नागा नेता इस अवसर पर मौजूद थे.

हालांकि, एनएससीएन-खापलांग (एनएससीएन-के) वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था. वर्ष 988 में एनएससीएन दो गुटों में बंट गया था- एनएससीएन-के और एनएससीएन (आईएम).

नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन)
नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन-आईएम) पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय एक नगा संगठन है. एनएससीएन की स्थापना 31 जनवरी 1980 को इसाक चिशी स्वू और थिंगलेंग मुईवा ने की थी.

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